एक नन्ही-सी जिंदगी… जन्म के समय वजन महज 1.080 किलोग्राम, गर्भावधि केवल 29 सप्ताह 6 दिन और साथ में सांस लेने में तकलीफ। ऐसे में हर पल महत्वपूर्ण था। लेकिन समय पर मिली चिकित्सा सुविधा, एसएनसीयू की सतत निगरानी और चिकित्सकीय टीम की समर्पित देखभाल ने इस नन्हे बच्चे को जिंदगी की एक नई राह दी।
यह कहानी है छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा के ग्राम छोटाखुर्द निवासी श्रीमती होमलता उइके पति श्री रतनलाल उइके के नवजात बच्चे की, जिसे प्रसव के लिए 29 अगस्त को जिला चिकित्सालय नरसिंहपुर लाया गया था। रात्रि में जन्मे इस बच्चे का वजन मात्र 1.080 किलोग्राम था। जन्म के साथ ही उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे तत्काल जिला चिकित्सालय नरसिंहपुर की विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई- एसएनसीयू में भर्ती किया गया।
एसएनसीयू में बच्चे को आवश्यक श्वसन सहायता उपलब्ध कराई गई। चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार उपचार शुरू किया गया और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। बेहद कम वजन और कम गर्भावधि में जन्मे इस नवजात के लिए शुरुआती समय चुनौतीपूर्ण था, लेकिन चिकित्सकीय टीम ने धैर्य और संवेदनशीलता के साथ उसकी देखभाल जारी रखी। धीरे-धीरे उपचार का असर दिखाई देने लगा। बच्चे की स्थिति में सुधार होने लगा।
जब उसकी स्थिति ने साथ दिया तो उसे मां का दूध पिलाना शुरू किया गया। बच्चे की जरूरत के अनुसार दूध की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाई गई। और फिर इस नन्ही जिंदगी ने कमजोरी को पीछे छोड़ते हुए मजबूती की ओर कदम बढ़ाना शुरू किया।
1.080 किलो से 1.280 किलो तक पहुंचा वजन
लगातार उपचार, निगरानी और मां के दूध से बच्चे की सेहत में लगातार सुधार हुआ। अब बच्चा मां का दूध पी रहा है, स्वस्थ है और उसका वजन बढ़कर 1.280 किलोग्राम हो गया है।जन्म के समय बेहद नाजुक स्थिति में रहा यह बच्चा अब धीरे-धीरे स्वस्थ होकर अपने जीवन की नई शुरुआत कर रहा है।
इस पूरे उपचार के दौरान जिला चिकित्सालय की एसएनसीयू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा लगातार निगरानी, समय पर उपचार और संवेदनशील देखभाल ने बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार की राह आसान की।
कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष कुमार मिश्रा तथा सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजकुमार चौधरी के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय में मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने तथा गंभीर नवजातों को समय पर आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। एसएनसीयू प्रभारी डॉ. संदीप पटेल के अनुसार समय पर उपचार, सतत निगरानी, मां का दूध और समर्पित देखभाल स्वस्थ नवजात की ओर मजबूत कदम हैं।





