दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और शासकीय योजनाओं का सही सहयोग यदि मिल जाए तो कोई भी महिला अपनी तकदीर बदल सकती है। शिवपुरी जिले की नगर परिषद कोलारस निवासी श्रीमती कृष्णा कुशवाह की सफलता की कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है। पहले उनका जीवन बेहद सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी में व्यतीत हो रहा था, लेकिन परिवार को बेहतर भविष्य देने की चाहत ने उन्हें रुकने नहीं दिया और आज वे स्वावलंबन व आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं।

अपने जीवन को नई दिशा देने के लिए श्रीमती कृष्णा कुशवाह ने स्वसहायता समूह की सदस्यता ग्रहण की। समूह के माध्यम से उन्हें सिलाई का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। हुनर सीखते ही उन्होंने समूह से 10,000 रुपये का पहला ऋण लेकर एक छोटी सिलाई मशीन व बुनियादी सामग्री खरीदी और सिलाई कार्य शुरू किया। अनुशासित वित्तीय प्रबंधन से पहला ऋण चुकाने के बाद उन्हें 20,000 रुपये का दूसरा ऋण मिला। इसके बाद, उनके सिलाई के बढ़ते कार्य और लगन को देखते हुए उन्हें पीएम स्ट्रीट वेंडर (पीएम स्वनिधि) योजना के तहत 50,000 रुपये का तीसरा ऋण प्रदान किया गया है।

व्यावसायिक विस्तार और परिवार को आर्थिक स्थिरता श्रीमती कृष्णा कुशवाह ने प्राप्त वित्तीय सहयोग का अत्यंत दूरदर्शी उपयोग किया। सिलाई से अपनी स्वतंत्र आय शुरू करने के साथ ही उन्होंने 20,000 रुपये के दूसरे ऋण से अपने पति के लिए ठेला व्यवसाय शुरू करवाया, जिससे परिवार में आय का एक अतिरिक्त जरिया बन गया। अब पीएम स्वनिधि योजना से मिले 50,000 रुपये के नए ऋण से वे अपने सिलाई व्यवसाय का और अधिक विस्तार करने जा रही हैं। दोनों पति-पत्नी की संयुक्त मेहनत से परिवार की आर्थिक स्थिति स्थायी रूप से मजबूत हो चुकी है और वे अपने बच्चों का पालन-पोषण बेहतर ढंग से कर पा रहे हैं।

अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा का स्रोत श्रीमती कृष्णा कुशवाह न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपनी समझदारी, वित्तीय अनुशासन और मेहनत के बल पर क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। उन्होंने यह साबित कर दिखाया है कि स्वसहायता समूह और शासकीय योजनाओं का सही दिशा में उपयोग कर गरीबी तथा तंगहाली को मात दी जा सकती है।

श्रीमती कृष्णा ने जताया आभार अपनी इस सफलता और स्वावलंबन की यात्रा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्रीमती कृष्णा कुशवाह ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी सोच के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन्हीं योजनाओं के कारण आज वे स्वाभिमान के साथ आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।